खराब मानसिकता के उदाहरण का कड़वा सच क्या है?
सबसे कड़वा सच क्या है?
चलिए आज जानते हैं इस कड़वे सच के बारे में।
हालांकि पता तो हम सबको ही है, पर ये हर जगह मौजूद हैं।
टटोलिये कहीं हमारे भीतर भी तो नहीं।
इसे आंग्ल भाषा में हिपोक्रेसी और साधारण लोगों द्वारा दोहरे मापदंड के नाम से जाना जाता है।
हमारे कुछ यूट्यूबर्स व्यूज़ और स्क्सेस् के पीछे इतने पागल हैं की उनको इस बात का ज़रा भी एहसास नहीं होता की उनके द्वारा बनाये वीडियो को देख कर लोग जो उनको फॉलो करते हैं वो उनके द्वारा की जा रही ग़लत टिप्पणी और हरकत को सही समझने लगते हैं।
जैसे : किसी के रंग रूप का शरीर का मज़ाक बनाना और गाली गलौच करना और फूहड़ भाषा का प्रयोग करना उनको कूल लगता हैं।
और जब वही बात उनके लिए होगी तो फिर वो विक्टिम बन दुसरो के लिए रेसिस्ट् और हिपोक्रेट्स का नगाड़ा पीटने लगते हैं और ऐसे बर्ताव करते हैं - वी डोंट सप्पोर्ट रेसिसम् एंड हिपोक्रेसी।
कड़वा हैं पर सच हैं।
पढ़िये पूरा मामला
यूट्यूब पर एक वीडियो है, जो हीरो अलोम के ऊपर प्रतिक्रिया एवं टिप्पणी पर आधारित है। इसलिए इस यूट्यूबर् ने सड़कों पर महिलाओं से हीरो अलोम के प्रति उनकी प्रतिक्रिया के बारे में सवाल किया और 👇
उनकी प्रतिक्रिया थी:
दाईं ओर की लड़की ने कहा, "वह लड़कियों के लिए बहुत बदसूरत है,मैं पागल हो जाऊंगी!"
बाईं ओर लड़की ने कहा, "वह कुपोषित लग रहा है!"
फिर उसने पूछा, "अगर तुम उससे शादी करोगी तो तुम क्या करोगी?"
दाईं ओर लड़की ने कहा, "मैं बल्कि मर जाऊंगी!"
बाईं ओर की लड़की ने कहा, "मैं उसका सारा पैसा ले लूंगी और विदेश भाग जाऊंगी!"
फिर उसने पूछा, "उसके चेहरे के अनुसार कौन सा पेशा उसके अनुरूप होगा?"
दोनों लड़कियों ने जवाब दिया, " कुपोषण का प्रचार " और उसका मजाक उड़ाया।
उसने लड़कियों के एक और ग्रुप से सवाल किया :
फिर से उन्होंने उसका और उसके चेहरे का मज़ाक उड़ाया।
जब उसने चेहरे के अनुसार उसकी नौकरी का अनुमान लगाने के लिए कहा, तो कुछ ने "मोची" जवाब दिया,जबकि कुछ ने कहा "मछुआरा" और कुछ ने "रिक्शावाला" कहा, हद है।
फिर उसने लड़कियों के एक और ग्रुप से सवाल किया :
बाईं ओर की लड़की ने उसे एक रेंगने वाला कहा और दाईं ओर की लड़की ने उसे समलैंगिंक कहा!
उनसे पूछा, "क्या वे डेट पर जाना चाहेंगे?",
फिर बाईं ओर लड़की ने कहा, “नहीं! मैं भारत ही छोड़ दूँगी! ”
दाईं ओर लड़की ने कहा, “मैं उसके साथ डेट पर जाऊंगी जिससे मैं प्रसिद्ध हो जाऊंगी! "
उसने पूछा कि, क्या वे उसके साथ शादी करना चाहती हैं, तो उन्होंने कहा कि वे पैसे लेंगी और उसी रात भाग जाएंगी।
हद है ,कोई सिर्फ चंद व्यूज़ के लिए किसीका इतना अपमान कर देगा? हैरत होती है इनकी सोच पर।
कुछ ने कहा, "उन्हें एक स्टैंड-अप कॉमेडियन होना चाहिए क्योंकि जब लोग उन्हें देखेंगे, तो उनका लुक उन्हें हंसाने के लिए काफी होगा"।
कुछ ने कहा, "भले ही मेरे सिर पर एक पत्थर गिर जाए मैं डेट पर नहीं जाऊंगी ..."।
कुछ ने कहा, "उसे ब्रेसिज़ की जरूरत है, उसके दांत बहुत बड़े हैं ..."।
वैसे, उन लड़कियों में से कई उसे इससे पहले नहीं जानती थी कि वो इंसान कौन है क्या करता होगा।
बस बिना जाने बूझे उन्होंने सिर्फ एक अनजान व्यक्ति का अपमान किया, उसका मजाक उड़ाया और उससे नफरत की, बस उसका चेहरा और शरीर देखकर!
फिर से एक अन्य यूट्यूब चैनल पर, उन्होंने उसी तरह प्रतिक्रिया व्यक्त की
लड़के ने कहा, "आपका चेहरा गाली देने लायक है, हीरो अलोम!"
उनमें से एक ने कहा, "मैं उसे देखने के बाद रो दूँगी... यहां तक कि कुत्ते भौंकेंगे और छोटे बच्चे रोएंगे यदि वे उसे देखते हैं तो ..."
अन्य प्रतिक्रिया चैनलों पर, कुछ ने कहा, "यह है ही क्यों यहाँ ? ...शादी तो दूर,मरने के लिए इसकी शकल देखना ही काफी है..." आदि, आदि।
ठीक है, यहाँ बहुत से लोग उसे नहीं जानते, लेकिन उन्होंने उसका मजाक उड़ाया, उसके चेहरे, उसके शरीर आदि के बारे में! जरा सोचिए, अगर कभी हीरो अलोम इस वीडियो को देखेंगे, तो क्या सोचेंगे। वह भी एक इंसान है, जिसके पास भावनाएँ हैं। और ये देवियाँ कल ही कहेगी, “ हम जातिवाद या रंगभेद और शारीरिक शोषण के ख़िलाफ़ हैं ”
और ऐसे ही चंद लोग आज स्टॉप नेपोटिसम् का नारा भी लगा रहे और कुछ 'अवसाद कितना गंभीर है' ये बता रहे हैं।
हद है हिपोक्रेसी की।
अरे महानुभावों 🙏
इस (समाज) के दोहरे मापदंडों की वजह से ही बहुतों को अवसाद ने घेर लिया है और बहुतों ने अपना जीवन स्वाहा कर लिया है।
सुधारिये इसे और इस आग को बढ़ावा देने वालों, इसे कूल समझने वालों को चेता दीजिये की अब बस और नहीं।
जब मैं 6 वीं कक्षा में था, तो मेरे पास एक बहुत ही आश्वस्त और बहिर्मुखी एक दोस्त थी। एक बार मेरी एक शिक्षक ने, अन्य सभी छात्रों के सामने उसे कहा, "ओह गर्ल, आप डार्क हैं, आप बदसूरत हैं!" और भी अन्य अपमानजनक टिप्पणियां की। उस दिन के बाद से 5 साल हो गए लेकिन उसका विश्वास कभी वापस नहीं आया।
तो कृपया, भगवान की खातिर अल्लाह की खातिर या आप जिसमे आस्था रखते हो उनकी खातिर कभी भी किसीके शारीरिक अंगो और रंग रूप या उसके काम को लेकर किसी भी प्रकार की हिंसा न करें, न ही किसी का मजाक उड़ाएं!
यह एक अमानवीय कृत्य है जो पूरी मानवता को शर्मसार करता है।
कड़वा हैं मगर सच है।
फोटो:
अशरफुल अलोम सईद (हीरो अलोम), एक बांग्लादेशी स्टार।
धन्यवाद। 🙏💐
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